पिछले तीन सालों में हमने ‘मिर्जापुर’ के तीन सीजन देखे हैं। ऐसे में जब Excel Entertainment ने इस बात का ऐलान किया कि इस बार ‘मिर्जापुर’ फिल्म के तौर पर आ रही है, तो सभी के मन में यही सवाल था कि क्या वाकई ‘मिर्जापुर’ वह कमाल कर पाएगी, जो बतौर वेब सीरीज इसने किया है?

वहीं से अपनी कहानी को आगे बढ़ाती नजर आती है, जहां ‘मिर्जापुर’ की कहानी अब तक दर्शकों ने देखी है।

मिर्जापुर की गद्दी बहुत मायने रखती है। जो गद्दी पर राज करता है, वही मिर्जापुर पर और देश की राजनीति पर अपना दबदबा कायम करता है। इसलिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि मिर्जापुर की गद्दी आखिर किसके पास रहेगी?

क्या मिर्जापुर की गद्दी कालीन भैया के पास ही रहेगी या फिर गद्दी के लिए एक नए बाहुबली बब्बन यादव की एंट्री हुई है, वो कालीन भैया से मिर्जापुर की गद्दी हथियाने मे कामयाब हो पाता है?

कालीन भैया के पास उनकी सबसे बड़ी ताकत गुड्डू पंडित और बबलू पंडित हैं। अब सवाल यह है कि क्या ये दोनों भाई कालीन भैया की गद्दी को बब्बन यादव से बचा पाएंगे?

197 मिनट की यह फिल्म है। ऐसे में सबसे बड़ा चैलेंज यही था कि क्या इतनी लंबी फिल्म दर्शकों को अंत तक बांधकर रख पाएगी? हम आपको बता दें कि फिल्म इस मामले में बिल्कुल निराश नहीं करती।

यहां जितेंद्र कुमार की बबलू पंडित के किरदार में एंट्री हुई है जिसको पहले विक्रांत मैसी निभा रहे थेल यकीन मानिए, जितेंद्र कुमार ने बहुत ही बेहतरीन काम किया है। वहीं, गुड्डू भैया के किरदार में अली फजल एक बार फिर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराते हैं।

फिल्म के लिए सबसे बड़ा चैलेंज डायरेक्टर गुरमीत सिंह और राइटर पुनीत कृष्णा के सामने यही था कि इतनी लोकप्रिय वेब सीरीज को फिल्म के फॉर्मेट में कैसे ढाला जाए। लेकिन दोनों ने यह काम बेहद शानदार तरीके से किया है।

फिल्म 197 मिनट की होने के बावजूद आपको कहीं भी बोर नहीं करती। कहानी लगातार आगे बढ़ती रहती है और कई ऐसे मोड़ आते हैं, जो आपको स्क्रीन से जोड़े रखते हैं।

फिल्म में Shriya Pilgaonkar और श्वेता त्रिपाठी भी नजर आती हैं। हालांकि, उनके किरदारों के पास इस बार करने के लिए बहुत ज्यादा नहीं है। इसी तरह गुड्डू और बबलू की बहन के किरदार को भी ज्यादा स्पेस नहीं दिया गया है।

वहीं, सोनल चौहान मुमताज के किरदार में नजर आती हैं और उनका किरदार रवि किशन के साथ जुड़ा हुआ है। दूसरी तरफ, बीना त्रिपाठी, यानी कालीन भैया की पत्नी के किरदार में रसिका दुग्गल हैं, उनके किरदार में बहुत एक बड़ा ट्विस्ट देखने को मिलता है।

शिबा चड्ढा, जो गुड्डू और बबलू की मां का किरदार निभा रही हैं, उनका एक डायलॉग है— “तुम्हें पता है कि हम किसके माँ हैं।” यही एक लाइन यह बताने के लिए काफी है कि उन्हें अपने बेटों पर कितना घमंड हैं

अब बात आती है कि क्या यह फिल्म देखनी चाहिए या नहीं?

जवाब है— बिल्कुल देखनी चाहिए।

अगर आप ‘मिर्जापुर’ के फैन हैं और इसके तीनों सीजन देख चुके हैं, तो यह फिल्म आपके लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। फिल्म आपको एक बार फिर उसी दुनिया में लेकर जाती है, जहां सत्ता, बदला, गद्दी और वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिलती है।

लेकिन हां, फिल्म के एंड क्रेडिट्स खत्म होने तक अपनी सीट मत छोड़िए। फिल्म के क्लाइमेक्स और एंड क्रेडिट्स में कुछ ऐसे सीन्स हैं, जो आपको सरप्राइज कर देंगे।

कुल मिलाकर, ‘मिर्जापुर’ फिल्म अपने दर्शकों की उम्मीदों पर काफी हद तक खरी उतरती है। फिल्म देखने के बाद उम्मीद यही है कि अगर कहानी इसी तरह आगे बढ़ती है, तो हमें जल्द ही ‘मिर्जापुर पार्ट 2’ भी देखने को मिले।

Film Window की तरफ से इस फिल्म को हम 4 स्टार देता हैं। ⭐⭐⭐⭐

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here