नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा दिग्गज कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय, तीखे संवाद और अलग अंदाज से दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई है। हिंदी और मराठी फिल्मों में अपने लंबे और सफल करियर के दौरान उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए हैं। नाना पाटेकर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में उन्हें मिले तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स (National Film Awards) शामिल हैं।
आइए जानते हैं कि नाना पाटेकर को किन तीन फिल्मों और किरदारों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
1. ‘परिंदा’ (1989) – मिला पहला Best Supporting Actor National Award
नाना पाटेकर को पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड वर्ष 1989 में रिलीज हुई अपराध-ड्रामा फिल्म ‘परिंदा’ के लिए मिला था। विधु विनोद चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने ‘अन्ना सेठ’ नाम के एक बेहद खौफनाक और जटिल अंडरवर्ल्ड डॉन का नकारात्मक किरदार निभाया था।
उनकी जबरदस्त एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस के लिए उन्हें Best Supporting Actor का National Film Award दिया गया। यह फिल्म नाना पाटेकर के करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
2. ‘क्रांतिवीर’ (1994) – हासिल किया Best Actor का National Award
वर्ष 1994 में आई फिल्म ‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर के करियर की सबसे बड़ी और मील का पत्थर साबित होने वाली फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में उन्होंने ‘प्रताप नारायण तिलक’ नामक एक निडर और बेबाक इंसान का किरदार निभाया, जो समाज के भ्रष्टाचार और दंगों के खिलाफ आवाज उठाता है।
फिल्म में उनके आइकोनिक डायलॉग्स और बेजोड़ अभिनय के लिए उन्हें Best Actor का National Film Award मिला। इसी भूमिका के लिए उन्होंने उसी साल Filmfare Award और Screen Award में भी बेस्ट एक्टर की ट्रॉफी अपने नाम की थी।
3. ‘अग्नि साक्षी’ (1996) – मिला दूसरा Best Supporting Actor Award
नाना पाटेकर की तीसरी नेशनल अवॉर्ड-विनींग परफॉर्मेंस वर्ष 1996 में आई फिल्म ‘अग्नि साक्षी’ में देखने को मिली। इस फिल्म में उन्होंने एक शक्की, जुनूनी और मानसिक रूप से जटिल पति (‘विश्वनाथ’) का किरदार निभाया था।
इस चुनौतीपूर्ण भूमिका में जान फूंकने के लिए उन्हें एक बार फिर Best Supporting Actor के National Film Award से नवाजा गया।
नाना पाटेकर: National Film Awards Summary Table
| फिल्म का नाम | रिलीज वर्ष | अवॉर्ड कैटेगरी (Category) | किरदार का नाम |
| परिंदा | 1989 | Best Supporting Actor | अन्ना सेठ |
| क्रांतिवीर | 1994 | Best Actor | प्रताप नारायण तिलक |
| अग्नि साक्षी | 1996 | Best Supporting Actor | विश्वनाथ |
पद्म श्री और अन्य उपलब्धियां
नाना पाटेकर की उपलब्धियों का दायरा केवल नेशनल अवॉर्ड्स तक ही सीमित नहीं है। भारतीय सिनेमा और समाज सेवा में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2013 में पद्म श्री (Padma Shri) से सम्मानित किया।
इसके अलावा, उन्होंने कई अन्य व्यावसायिक और क्रिटिकली एकलेम्ड फिल्मों में काम किया है:
- कॉमेडी और ड्रामा: ‘वेलकम’ (Welcome), ‘वेलकम बैक’
- क्राइम और थ्रिलर: ‘अब तक छप्पन’ (Ab Tak Chhappan), ‘अपहरण’ (Apaharan)
- राजनीतिक ड्रामा: ‘राजनीति’ (Raajneeti)
- मराठी सिनेमा: ‘नटसम्राट’ (Natsamrat) – जिसके लिए उन्हें ऐतिहासिक प्रशंसा मिली।
नाना पाटेकर की सिनेमाई विरासत
नाना पाटेकर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने खुद को कभी किसी एक टाइप के रोल में नहीं बांधा। हीरो, विलेन, पुलिस अधिकारी, कॉमिक रोल से लेकर गंभीर सामाजिक किरदारों तक—हर भूमिका में उन्होंने अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उनकी बुलंद आवाज, अनोखी संवाद अदायगी और सहज अभिनय आज भी भारतीय सिनेमा के दर्शकों के दिलों पर राज करता है।







