CINTAA Controversy: Poonam Dhillon, Padmini Kolhapure and Upasana Singh
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) विवाद से जुड़ी अभिनेत्रियां पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे और उपासना सिंह।

CINTAA Controversy : सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के भीतर चल रहा अंदरूनी घमासान अब सड़कों और पुलिस थाने तक पहुंच गया है। संस्था के चुनावों से ठीक पहले मुंबई स्थित CINTAA कार्यालय के बाहर और अंदर दिग्गजों के बीच जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। दस्तावेजों को हटाने के गंभीर आरोपों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंची पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा और सार्वजनिक रूप से अपनी गरिमा का हवाला देते हुए कलाकारों को कड़ी फटकार लगानी पड़ी।

दस्तावेजों को हटाने का आरोप और पुलिस का तीखा हस्तक्षेप (CINTAA Controversy)

विवाद तब भड़का जब अभिनेत्री और पूर्व पदाधिकारी उपासना सिंह व कुनिका सदानंद को यह सूचना मिली कि पूर्व अध्यक्ष पूनम ढिल्लों और उपाध्यक्ष पद्मिनी कोल्हापुरे कथित तौर पर ऑफिस से गोपनीय दस्तावेज और फाइलें एक टेम्पो व अपनी गाड़ियों में शिफ्ट कर रही हैं। उपासना सिंह ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पुलिस को बुलाया और इसे चुनाव से ठीक पहले सबूत छिपाने की अवैध कोशिश बताया। वायरल वीडियो में पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे, उपासना सिंह और कुनिका सदानंद के बीच तीखी बहस होती नजर आई। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने सभी कलाकारों को फटकार लगाते हुए कहा, “कम से कम अपनी इज्जत का तो ख्याल रखें, लोग देख रहे हैं… अगर कोई आम इंसान होता तो थप्पड़ ही मारते, हम इज्जत दे रहे हैं लेकिन उसकी भी एक सीमा है।”

खाते फ्रीज और CAWT विवाद: क्या है अंदरूनी कलह की असल वजह?

इस पूरे विवाद की जड़ें अगस्त महीने में गहरी हुईं जब CINTAA की कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों (जिनमें 8 निर्वाचित सदस्य शामिल हैं) ने लीडरशिप पर भरोसा न होने का हवाला देते हुए सामूहिक इस्तीफा दे दिया था। बागी गुट और उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों व पद्मिनी कोल्हापुरे पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने सफाई देते हुए कहा कि बैंक खाते फ्रीज होने और सीएडब्ल्यूटी (CAWT) के मुद्दों के कारण संस्था के वेलफेयर काम और स्टाफ की सैलरी तक रुक गई है, जिसके पीछे विरोधी गुट का हाथ है।

CINTAA चुनाव और कोर्ट का दखल

कार्यकारिणी भंग होने के बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने नए चुनाव कराने की घोषणा की। पूनम ढिल्लों के गुट ने इन चुनावों को अदालत में चुनौती दी थी। बॉम्बे हाईकोर्ट और सत्र न्यायालय ने चुनाव पर पूरी तरह रोक लगाने से इंकार कर दिया, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी। इस बार CINTAA के इतिहास में रिकॉर्ड 51 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, और अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि चुनाव के नतीजे 26 अक्टूबर को तय होने वाले अंतिम कानूनी फैसलों के अधीन होंगे।

CINTAA जैसे प्रतिष्ठित संगठन के कार्यालय में हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा और पुलिस की दखलंदाजी पूरी टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक शर्मनाक स्थिति पैदा कर रहा है। एक तरफ जहां चुनाव संपन्न हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिग्गजों की इस आपसी खींचतान ने कलाकारों की साख पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

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