Tu Hai Meri Kiran Movie Review : बॉलीवुड की रियल लाइफ पावर कपल सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) और जहीर इकबाल (Zaheer Iqbal) एक बार फिर पर्दे पर साथ नजर आ रहे हैं। निर्देशक करण रावल के निर्देशन में बनी लगभग 2 घंटे 2 मिनट की यह फिल्म ‘तू है मेरी किरण’ (Tu Hai Meri Kiran) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। जब इसका टाइटल सामने आया था, तो शाहरुख खान की फिल्म ‘डर’ का वह मशहूर गाना ‘तू है मेरी किरण’ जेहन में जरूर आ जाता है और ऐसा लगा था कि यह एकतरफा प्यार (One-sided love) और बदले की कोई आम कहानी होगी। हालांकि, फिल्म का कोई ऐसा आधिकारिक गाना इस नाम से नहीं आया था, लेकिन इसका प्रभाव वैसा ही अहसास कराता है। आइए जानते हैं इस फिल्म का विस्तृत रिव्यू।
कहानी का निर्देशन और करण रावल की बेहतरीन तारीफ
इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी पेचीदा कहानी और उसका शानदार निर्देशन है। फिल्म का मुख्य आधार एक बहुत ही दिलचस्प विचार पर टिका है—हम जानते हैं कि हम वर्तमान में रहकर अपने अतीत (Past) को नहीं बदल सकते, लेकिन क्या होगा अगर आप प्रेजेंट में रहकर अपने पास्ट को बदलने की कोशिश करें?
यहाँ निर्देशक करण रावल के निर्देशन की विशेष तौर पर तारीफ करनी होगी कि उन्होंने इतनी कॉम्प्लिकेटेड और उलझी हुई कहानी को बहुत ही बेहतरीन तरीके से पर्दे पर उतारा है। अगर इस जटिल विषय का एग्जीक्यूशन सही ढंग से न किया जाता, तो शायद यह दर्शकों की समझ से बाहर हो जाती, लेकिन करण ने इसे बेहद खूबी से संभाला है।
अभिनय और ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री
सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल असल जिंदगी में पति-पत्नी हैं, इसलिए जब आप उन्हें थिएटर में देखने जाते हैं तो एक चुनौती यह होती है कि आप उनकी रियल लाइफ केमिस्ट्री को भूलकर रील लाइफ पर विश्वास करें। दोनों ने इस मामले में शानदार काम किया है।
जहीर इकबाल ने ‘समर’ के किरदार में बेहतरीन काम किया है, जो एकतरफा प्यार और सनक के बीच के बारीक अंतर को बखूबी दिखाता है। सोनाक्षी सिन्हा (‘किरण’ के रूप में) ने अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है।
सपोर्टिंग कास्ट की बात करें तो अंकित गुप्ता ने सोनाक्षी के पति की भूमिका निभाई है, वहीं जरीना वहाब का काम बेहद बेहतरीन और प्रभावी है। इसके अलावा पूरेन्दु भट्टाचार्य और शलिन शेठ जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।
प्रेडिक्शन और थ्रिलर का रोमांच
एक मिस्ट्री-रोमांस-थ्रिलर फिल्म की असली खूबसूरती यही होती है कि दर्शक कभी यह अनुमान न लगा सकें कि आगे क्या होने वाला है। इस फिल्म के साथ भी बिल्कुल ऐसा ही है—आप फिल्म देखते वक्त बिल्कुल भी प्रेडिक्ट नहीं कर पाएंगे कि अगले ही पल पर्दे पर क्या ट्विस्ट आने वाला है।
फिल्म का पहला हाफ (First Half) बेहद शानदार और कसा हुआ है, जो आपको अपनी सीट से बांधे रखता है। हालांकि, दूसरा हाफ (Second Half) थोड़ा सा सुस्त (Drag) जरूर महसूस होता है, लेकिन कुल मिलाकर यह फिल्म ट्रेलर से कहीं ज्यादा सरप्राइज देती है क्योंकि सब कुछ पहले ही रिवील नहीं किया गया था। यह फिल्म मास ऑडियंस के लिए भले ही न हो, लेकिन नीश (Niche) और सस्पेंस-थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह एक बेहतरीन ट्रीट है।
रेटिंग
‘तू है मेरी किरण’ एक ऐसी फिल्म है जो उम्मीदों से परे जाकर आपको चौंकाती है। यह सिर्फ एकतरफा प्यार की कहानी नहीं, बल्कि उससे कहीं ज्यादा गहरी और उलझी हुई परतें समेटे हुए है। अगर आप इस वीकेंड कुछ अलग, रहस्यमयी और सस्पेंस से भरपूर देखना चाहते हैं, तो यह एक डिसेंट वॉच साबित हो सकती है।
⭐ रेटिंग: 3.5 / 5 स्टार







