Tiger Shroff Firing Case : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की कार पर हुए फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार (पिस्तौल) गुजरात के सूरत से बरामद कर लिए हैं। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों से पूछताछ और कोर्ट में पेशी का दौर लगातार जारी है। आइए जानते हैं इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़ी सभी नई और बड़ी अपडेट्स।
सूरत से बरामद हुईं दो पिस्तौलें और 10 जिंदा कारतूस
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए गुजरात के सूरत से दो अत्याधुनिक पिस्तौलें और 10 जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं। हथियारों को छिपाया गया था: जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर वहां से भागने के दौरान इन हथियारों को सूरत में कहीं छिपाकर फरार हो गए थे।
फोरेंसिक जांच: पुलिस अब इन बरामद हथियारों को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेज रही है ताकि यह पुख्ता किया जा सके कि इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल टाइगर श्रॉफ की कार पर गोली चलाने के लिए किया गया था।
दिल्ली से गिरफ्तार 4 आरोपियों की कोर्ट में पेशी और रिमांड
इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए चार अन्य आरोपियों—कुणाल (21) व सुमित (19) (दोनों निवासी सोनीपत, हरियाणा) और राधा (23) व बबीता (23) (दोनों निवासी उत्तर प्रदेश) को मुंबई की अदालत में पेश किया गया।
हथियार सप्लाई करने का आरोप: पुलिस ने अदालत को बताया कि इन चारों ने मुख्य साजिशकर्ताओं के निर्देश पर शूटरों को हथियार मुहैया कराए थे। अनिल पंडित के कहने पर कुणाल और सुमित ने अमृतसर से पिस्तौल और कारतूस लिए थे, जिन्हें राधा और बबीता ने मुंबई लाकर अन्य सहयोगियों तक पहुंचाया था।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चारों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया है, ताकि इस पूरी साजिश और फंडिंग के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। इसके अलावा, हरियाणा से पकड़े गए अन्य आरोपियों को भी कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
वांटेड गैंगस्टर अनिल पंडित और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एंगल
मुंबई पुलिस ने अदालत को यह भी जानकारी दी है कि इस पूरे हमले की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लेने वाला और विदेश (संभवतः अमेरिका) से अपना नेटवर्क चलाने वाला गैंगस्टर अनिल पंडित इस मामले में मुख्य वांछित (Wanted) आरोपी है। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े इस शख्स ने ही शूटर्स को विदेश भेजने (कनाडा-नेपाल रूट के जरिए) और पैसों का लालच देकर इस वारदात को अंजाम दिलवाने की पूरी रूपरेखा तैयार की थी।
मामले की पृष्ठभूमि
बीते 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू स्थित एक फुटबॉल क्लब के बाहर जब टाइगर श्रॉफ अपनी कार से निकल रहे थे, तब बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। गनीमत यह रही कि इस हमले में टाइगर बाल-बाल बच गए, लेकिन उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे।
शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि शूटर्स ने पहले सलमान खान, अमिताभ बच्चन, आमिर खान और अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों के घरों की रेकी की थी, लेकिन वहां कड़ी सुरक्षा देखकर उन्होंने टाइगर श्रॉफ को आसान टारगेट बनाया था। अब हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए हर एक कड़ी को तेजी से जोड़ रही है।







