Dino Morea EOW Summons : बॉलीवुड गलियारों से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। जाने-माने अभिनेता डिनो मोरिया (Dino Morea) एक बार फिर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के रडार पर आ गए हैं। मीठी नदी की गाद सफाई (Mithi River Desilting Scam) में कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के मामले में जांच एजेंसी ने डिनो मोरिया को पूछताछ के लिए बुलाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच अधिकारियों के हाथ कुछ ऐसे फोन रिकॉर्ड्स लगे हैं, जिनसे इस मामले में आरोपी लोगों के साथ डिनो के संपर्कों का शक गहरा गया है। इससे पहले मई 2025 में भी डिनो मोरिया और उनके भाई सांतिनो रोक्को मोरिया (Santino Rocco Morea) से EOW पूछताछ कर चुकी है।
क्या है पूरा मामला और क्यों हो रही है पूछताछ?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, EOW के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कुछ फोन कॉल्स और रिकॉर्ड्स की जांच के दौरान डिनो मोरिया का नाम सामने आया, जिसके बाद उन्हें दोबारा समन भेजा गया। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोरिया परिवार और इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों के बीच किस तरह के बिजनेस लिंक्स (Business Links) थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि डिनो के भाई सांतिनो रोक्को मोरिया और गिरफ्तार आरोपी केतन कदम की पत्नी पुनीता कदम, दोनों ‘UBO Ridez Private Limited’ कंपनी में डायरेक्टर रह चुके हैं। EOW इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि केतन कदम की डीसिल्टिंग कंपनी ‘Woder India LLP’ को बीएमसी (BMC) के भारी-भरकम कॉन्ट्रैक्ट्स कैसे मिले और इनके बीच पैसों का लेन-देन (Financial Transactions) किस तरह हुआ। इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल केतन कदम को पुलिस ने पिछले साल 7 मई को गिरफ्तार कर लिया था।
65 करोड़ से ज्यादा के घोटाले और टेंडर में हेराफेरी के आरोप
मुंबई पुलिस की EOW का आरोप है कि मीठी नदी के डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां की गईं, जिससे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को करीब 65.54 करोड़ रुपये का चूना लगा है। इस पूरे स्कैम में फर्जी टेंडर, बढ़ा-चढ़ाकर बिल पेश करना और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप शामिल हैं। इस सिलसिले में एजेंसी ने जयेश जोशी को भी गिरफ्तार किया है, जो मुंबई की एक इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट कंपनी ‘Virgo Specialties Private Limited’ से जुड़े हुए हैं।
जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि कैसे बीएमसी के कुछ अधिकारी अक्टूबर 2020 में कोच्चि गए थे और वहां एक खास कंपनी ‘Matprop Technical Services’ से डीसिल्टिंग मशीनें और उपकरण खरीदने की बात तय हुई थी। इसके बाद टेंडर की शर्तें ऐसी रखी गईं जो सिर्फ उसी कंपनी के उपकरणों से मेल खाती थीं, जिससे दूसरे कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए विकल्प सीमित हो गए। आरोप है कि जब ठेकेदार उन उपकरणों को खरीदने पहुंचे, तो उन्हें आगे केतन कदम और जयेश जोशी के पास भेज दिया गया, जहां वही मशीनें बहुत महंगे और मनमाने किराए पर दी गईं।
मीठी नदी प्रोजेक्ट और आगे की जांच
आपको बता दें कि मीठी नदी की 17.84 किलोमीटर लंबी सफाई के काम में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत मिलने के बाद अगस्त 2024 में EOW ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था। जांच के दायरे में यह बात भी आई है कि नदी से निकाली गई गाद (Silt) की मात्रा के रिकॉर्ड्स में भी हेरफेर किया गया, ताकि ठेकेदारों को उनकी क्षमता से ज्यादा भुगतान किया जा सके।
फिलहाल, डिनो मोरिया से इस चल रही जांच के तहत पूछताछ की जा रही है ताकि आरोपियों के साथ उनके संबंधों और पैसों के लेन-देन की सच्चाई सामने आ सके। हालांकि, सिर्फ पूछताछ के आधार पर अभिनेता को इस मामले में दोषी या अपराधी नहीं ठहराया जा सकता है, और EOW की जांच अभी भी जारी है।







