Gaiety Galaxy Closure : मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित बॉलीवुड का सबसे आइकोनिक और ऐतिहासिक सिनेमा कॉम्प्लेक्स ‘गेटी-गैलेक्सी’ (G7 Multiplex) आगामी 7 नवंबर को अपने बंद होने के 2 महीने पूरे करने जा रहा है। जिस थियेटर में सीटी बजाने, तालियां पीटने और दर्शकों के पागलपन को देखकर अनगिनत एक्टर्स खुद को ‘सुपरस्टार’ महसूस करने लगे थे, आज वही ऐतिहासिक थियेटर प्रशासनिक अड़चनों और सरकारी कागजी कार्रवाई में उलझकर दो महीनों से पूरी तरह धूल फांक रहा है।
लेकिन, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जिस बॉलीवुड ने इस थियेटर का इस्तेमाल हमेशा अपनी फिल्मों के प्रमोशन और खुद को बड़ा स्टार दिखाने के लिए किया, आज उसी बॉलीवुड ने इस मुश्किल वक्त में पूरी तरह ‘रेडियो साइलेंस’ (चुप्पी) साध रखी है।
आखिर क्यों बंद हुआ गेटी-गैलेक्सी?
7 सितंबर को एक मामूली विवाद के बाद पुलिस ने इस कॉम्प्लेक्स के दस्तावेजों की जांच की थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गेटी-गैलेक्सी का ट्रेड/ऑपरेटिंग लाइसेंस साल 2021-22 से रिन्यू (नवीनीकृत) नहीं हुआ है। नियमों का पालन न करने और सुरक्षा कारणों के चलते अधिकारियों ने तुरंत थियेटर के प्रबंधन को इसके दरवाजे बंद करने का निर्देश दे दिया था। शुरुआत में हर किसी को लगा था कि यह मामला हफ्ते-दो हफ्ते में सुलझ जाएगा, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी यह मुद्दा जस का तस बना हुआ है।
‘रामायण’, ‘दृश्यम 3’ और ‘जेलर 2’ जैसी मेगा फिल्मों से चूका थियेटर
गेटी-गैलेक्सी हमेशा से आम दर्शकों (Mass Audience) के लिए बिग-स्क्रीन एक्सपीरियंस और असली सिनेमाई जश्न का प्रतीक रहा है। बड़ी फिल्मों का नुकसान: पिछले महीने रिलीज हुई ‘दृश्यम 3: द कंक्लुजन’ और ‘जेलर 2’ जैसी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में इस ऐतिहासिक पर्दे पर नहीं चल सकीं।
रामायण’ का क्रेज मिस हुआ: हाल ही में रिलीज हुई 4,000 करोड़ की महागाथा ‘रामायण’ भी गेटी-गैलेक्सी में रिलीज नहीं हो सकी। जरा सोचिए, जब पर्दे पर रणबीर कपूर, सुपरस्टार यश और सनी देओल की एंट्री होती, तो गेटी-गैलेक्सी के ऑडिटोरियम में कितना बड़ा तूफान और जश्न देखने को मिलता!
जीरो कमाई के बावजूद कर्मचारियों को पूरी सैलरी दे रहे मनोज देसाई
Gaiety Galaxy Closure Mumbai: जानिए पूरी खबर
G7 थियेटर और ऐतिहासिक मराठा मंदिर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई (Manoj Desai) और उनकी टीम इस सरकारी प्रक्रिया को जल्द से जल्द सुलझाने की पूरी कोशिश कर रही है।इंडस्ट्री के एक सूत्र ने बताया: मनोज देसाई 7 सितंबर से G7 से एक पैसे की कमाई न होने के बावजूद अपने सभी कर्मचारियों का हौसला बनाए हुए हैं। इस त्योहारी सीजन (दिवाली) में वह अपने कर्मचारियों को पूरी सैलरी दे रहे हैं। सभी कर्मचारी अपनी आजीविका चलने के लिए मनोज देसाई के बहुत आभारी हैं, लेकिन वे अपने थियेटर को बेहद मिस कर रहे हैं और जल्द से जल्द काम पर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।”
बॉलीवुड की ‘खुदगर्जी’ और चुप्पी पर उठे सवाल!
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों और गेटी-गैलेक्सी के लाखों फैंस को जिस बात ने सबसे ज्यादा दुखी और हैरान किया है, वह है बॉलीवुड सेलिब्रिटीज और बड़े-बड़े सितारों का पूरी तरह चुप रहना। एक वरिष्ठ इंडस्ट्री इनसाइडर ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा:
“कितने सारे अभिनेताओं को जब गेटी-गैलेक्सी में अपनी फिल्मों पर दर्शकों का पागलपन और तूफानी रिस्पॉन्स दिखता था, तब जाकर उन्हें एहसास होता था कि वे सच में स्टार बन गए हैं। वे अपनी फिल्मों के प्रमोशन और थिएटर रिएक्शन्स देखने खुद वहां पहुंचते थे और फैंस के सीटी बजाने और नाचने के वीडियो गर्व से सोशल मीडिया पर शेयर करते थे। और आज? एक भी स्टार ने इस थियेटर के समर्थन में एक शब्द नहीं लिखा!”
इनसाइडर ने आगे कहा: “माना कि थियेटर लाइसेंस रिन्यू न होने के कारण बंद हुआ है और सितारों को ट्रोल होने का डर है। लेकिन वे कम से कम ‘Missing Gaiety-Galaxy’ या ‘उम्मीद है कि मुद्दे जल्द सुलझ जाएंगे’ जैसा एक छोटा सा पोस्ट तो डाल ही सकते थे! इससे सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित होता और काम तेजी से होता। लेकिन अफसोस, पूरी इंडस्ट्री ने मुंह पर उंगली रख रखी है।”
गेटी-गैलेक्सी का ऐतिहासिक सफर और बनावट (History of G7)
- स्थापना: गेटी-गैलेक्सी सिनेमा की शुरुआत 24 नवंबर 1972 को हुई थी। इस थियेटर में रिलीज होने वाली पहली उद्घाटन फिल्म रमेश सिप्पी की ब्लॉकबस्टर ‘सीता और गीता’ (1972) थी।
- शुरुआती 3 स्क्रीन: G7 की शुरुआत मूल रूप से तीन थियेटरों से हुई थी— गेटी (Gaiety), गैलेक्सी (Galaxy) और जेमिनी (Gemini)।
- ‘गेटी’ सबसे बड़ा स्क्रीन है जिसमें स्टॉल और बालकनी मिलाकर करीब 1000 सीटें हैं।
- ‘गैलेक्सी’ में लगभग 800 सीटें हैं।
- ‘जेमिनी’ सिंगल-क्लास थियेटर है जिसमें 240 सीटें हैं।
- 90 के दशक में विस्तार (4 और स्क्रीन जोड़े गए):
- ग्रेस (Grace): यह एक प्राइवेट प्रिव्यू थियेटर है जो गेटी की बालकनी के ऊपर बना है।
- जेम (Gem): गैलेक्सी के स्टॉल के बगल में बना है।
- ग्लेमर (Glamour): गैलेक्सी के स्टॉल और बालकनी के बीच बना लगभग 45 सीटों का छोटा सा थियेटर।
- गॉसिप (Gossip): 105 सीटों वाला यह थियेटर पीछे के रास्ते से एक अलग एंट्री के साथ बनाया गया था।
दो महीने पूरे होने के करीब पहुंचते ही, प्रबंधन, कर्मचारियों और उन अनगिनत सिनेमा प्रेमियों के लिए अनिश्चितता बनी हुई है जिनके लिए गेटी-गैलेक्सी सिर्फ एक हॉल नहीं, बल्कि सिनेमा का मंदिर रहा है।

