Tiger Shroff Firing Case : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) पर हाल ही में हुए जानलेवा फायरिंग हमले ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद से लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे मामले की शुरुआत से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ, आइए सिलसिलेवार तरीके से पूरी कहानी जानते हैं।
हमले से ठीक एक घंटा पहले: फुटबॉल खेलना और फैंस से मिलना
घटना वाले दिन सब कुछ सामान्य चल रहा था। हमले से ठीक एक घंटा पहले टाइगर श्रॉफ हमेशा की तरह अपनी फिटनेस रूटीन के तहत फुटबॉल खेलने गए थे। मैदान पर उन्होंने अपने फैंस से मुलाकात की, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और बहुत खुश नजर आ रहे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में उनके साथ यह बड़ी घटना घटने वाली है।
जुहू में फायरिंग की वह खौफनाक घटना
फुटबॉल खेलकर लौटने के कुछ ही देर बाद, जब टाइगर अपने जुहू स्थित आवास के पास थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उनके घर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस अचानक हुए हमले से इलाके में हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए।
जेड सिक्योरिटी और मिलने वालों का तांता
इस गंभीर हमले के बाद मुंबई पुलिस और प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए टाइगर श्रॉफ की सुरक्षा बढ़ा दी है और उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा (Z Security) दे दी गई है। घटना की खबर मिलते ही बॉलीवुड इंडस्ट्री और उनके परिवार के कई करीबी लोग उनका हालचाल जानने उनके घर पहुंचे और उनका समर्थन किया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग कनेक्शन और दिल्ली पुलिस पर ट्रोलिंग
इस हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ होने की बात सामने आ रही है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक और विवाद तब खड़ा हो गया जब दिल्ली पुलिस द्वारा एक अपराधी से पूछताछ के दौरान उसे ‘साहब’ कहकर संबोधित करने का वीडियो वायरल हो गया। इस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने दिल्ली पुलिस को आड़े हाथों लिया और जमकर ट्रोल करते हुए तंज कसा कि ‘एक भारत रत्न भी दे दो उसको’।
कोटा में आरोपियों की गिरफ्तारी: 50,000 की एडवांस सुपारी
पुलिस जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले शूटर्स को इस काम के लिए 50,000 रुपये एडवांस दिए गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मुंबई से भागने की फिराक में थे। वे ट्रेन में बैठकर फरार हो रहे थे, लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनका पीछा किया और अंततः उन्हें राजस्थान के कोटा (Kota) में धर दबोचा। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।







