Shriya Saran On AI Misuse
Shriya Saran On AI Misuse

Shriya Saran On AI Misuse : हाल ही में जब अभिनेत्री जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) ने फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ के एक एआई-मॉर्फ्ड और डीपफेक वीडियो को लेकर तीखा विरोध जताया था, तो फिल्म इंडस्ट्री में एक नई बहस छिड़ गई थी। जाह्नवी ने इसे महिलाओं को वस्तु के रूप में देखने और ‘गंभीर उल्लंघन’ (deeply violating) करार दिया था। इस मुद्दे पर अब मशहूर अभिनेत्री श्रिया सरन (Shriya Saran) ने भी खुलकर अपनी बात रखी है, जो खुद इस तरह के एआई दुरुपयोग और मॉर्फ्ड तस्वीरों का शिकार हो चुकी हैं।

‘वे आपके बूब्स और शरीर के अंगों को बदल देते हैं’ – श्रिया सरन

न्यूज़18 के साथ एक एक्सक्लूसिव बातचीत में श्रिया सरन ने बताया कि कैसे इंटरनेट पर महिलाओं को अक्सर इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है और उनके शरीर के अंगों को चर्चा का विषय बना दिया जाता है।

इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह अजीब है। कभी-कभी, मुझे यह भी नहीं पता होता कि यह मैं हूँ या नहीं। वे आपके बूब्स (bs) का आकार बदल देते हैं, अचानक आपके द्वारा पहनी गई केप (cape) गायब हो जाती है या आपके हिप्स बड़े दिखने लगते हैं। आपको इसे हल्के में लेना पड़ता है। इसके बावजूद, यह परेशान करने वाला है और यह सही नहीं है.”

उन्होंने आगे जोड़ा कि हालांकि एआई के पास देने के लिए बहुत कुछ है और यह हमारी कई तरह से मदद कर सकता है, लेकिन इसके कुछ नकारात्मक और खतरनाक पहलू भी हैं जो हमारे लिए चीजें बदल सकते हैं। समय के साथ हमें या तो इसके साथ जीना सीखना होगा या फिर इससे निपटना होगा।

साल 2001 से लेकर अब तक कितना बदल गया है सिनेमा?

सिनेमा में एआई के आने और तकनीकी बदलावों पर बात करते हुए श्रिया ने साल 2001 में अपनी पहली फिल्म ‘इष्टम’ से लेकर अब तक के सफर को भी याद किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में हालात कैसे अलग हुआ करते थे:

वैनिटी वैन्स का न होना: श्रिया ने साझा किया, “हमारे पास मेकअप वैन नहीं होती थीं। मेरी पहली तीन फिल्मों में मेरे पास वैन नहीं थी। हम किसी पेड़ को ढूंढते थे, उसके नीचे बैठते थे और साथ मिलकर अपना लंच करते थे.”

आपसी बातचीत और संगीत: उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि तब एक्टर्स और डायरेक्टर्स साथ बैठकर जिंदगी और किताबों पर चर्चा करते थे, और रिकॉर्डर पर साथ में गाने सुना करते थे। जबकि आज हर किसी के कान में इयरफोन होते हैं।

सेट पर महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर बोलीं श्रिया

श्रिया का मानना है कि सिनेमा में सबसे बड़ा और सकारात्मक बदलाव पर्दे के पीछे फैसले लेने वाली भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति है। ‘दृश्यम’ और ‘आरआरआर’ फेम अभिनेत्री ने कहा, “कैमरे के सामने से ज्यादा महिलाएं अब कैमरे के पीछे हैं। वे महिलाएं तय कर रही हैं कि किस तरह की कहानी की जरूरत है और उन्हें किस पर पैसा लगाना चाहिए। अभी हमें एक लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन बदलाव की शुरुआत हो चुकी है.”

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