‘दृश्यम’ और ‘दृश्यम 2’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर गायतोंडे के दमदार और यादगार किरदार से घर-घर में अपनी एक खास पहचान बनाने वाले अभिनेता कमलेश सावंत (Kamlesh Sawant) ने हाल ही में ने हिना कुमावत के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कई दिलचस्प खुलासे किए हैं। उन्होंने इस खास बातचीत में में उन्होंने फिल्म की कास्टिंग के पीछे की अंदरूनी कहानियों, कलाकारों के बीच की बॉन्डिंग और सबसे ज्यादा चर्चा में रहे अक्षय खन्ना व जयदीप अहलावत के किरदारों को लेकर खुलकर बात की। कमलेश सावंत ने विस्तार से बताया कि कैसे निर्देशक और मेकर्स ने यह सुनिश्चित किया कि जयदीप अहलावत जैसे दिग्गज कलाकार को कभी यह महसूस न हो कि उन्हें किसी दूसरे अभिनेता की जगह पर ‘रिप्लेस’ किया गया है।
“जयदीप अहलावत को रिप्लेस नहीं किया, दिया बिल्कुल नया और फ्रेश रोल”
अक्सर फिल्म इंडस्ट्री में यह आम चलन होता है कि जब कोई बड़ा अभिनेता किसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने से मना कर देता है, तो उसकी जगह दूसरे कलाकार को उसी किरदार में ले लिया जाता है। लेकिन ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी के मामले में निर्देशक अभिषेक पाठक ने बेहद समझदारी और सूझबूझ का परिचय दिया।
कमलेश सावंत ने इंटरव्यू में इस बात पर रोशनी डालते हुए कहा: “जयदीप सर पहले भी वकील का किरदार निभाने वाले थे, तो ऐसा कुछ अलग नहीं लगा। अक्षय खन्ना के ना बोलने के बाद जयदीप जी को एक अलग रोल दिया गया। उनका नाम अलग था, उनकी पोस्ट अलग थी।
उन्हें अक्षय खन्ना की जगह रिप्लेस नहीं किया गया, बल्कि एक अलग ओहदा और अलग नाम दिया गया। यही इस बात की खासियत है, क्योंकि रिप्लेसमेंट किसी भी बड़े कलाकार को अच्छा नहीं लगता।”
मेकर्स ने इस बात का पूरा ध्यान रखा कि ‘पाताल लोक’ जैसी वेब सीरीज और अपनी लाजवाब एक्टिंग से इंडस्ट्री में एक ऊंचा मुकाम हासिल करने वाले जयदीप अहलावत को एक स्वतंत्र और फ्रेश कैरेक्टर मिले, ताकि उनकी अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बन सके।
कलाकारों के आत्मसम्मान और ओहदे का पूरा ख्याल
किसी भी मंजे हुए और वरिष्ठ कलाकार के लिए यह बात बहुत मायने रखती है कि स्क्रीन पर उनका वजूद और उनकी भूमिका किस तरह गढ़ी जा रही है। कमलेश सावंत ने समझाया कि इतने बड़े कलाकारों को सीधे तौर पर किसी की जगह खड़ा कर देना सही नहीं होता। यही वजह है कि अभिषेक पाठक ने बहुत ही चतुराई से स्क्रिप्ट में बदलाव करते हुए कैरेक्टर का नाम और उसका पद (पोस्ट) दोनों बदल दिए। इस पेशेवर और सम्मानजनक रवैये के कारण ही कलाकारों को सेट पर काम करने में सहजता महसूस होती है और वे अपने किरदार में पूरी शिद्दत से जान फूंक पाते हैं।
अक्षय खन्ना और जयदीप अहलावत की तुलना पर क्या बोले कमलेश सावंत?
जब फिल्म रिलीज हुई, तो दर्शकों और सोशल मीडिया पर अक्षय खन्ना और जयदीप अहलावत के अभिनय की तुलना होने लगी कि किस अभिनेता का काम किस पर भारी पड़ा। इस बहस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कमलेश सावंत ने इन सभी तुलनाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया।
उन्होंने बहुत ही खूबसूरत बात कहते हुए समझाया:”दोनों ही बहुत महान कलाकार हैं और दोनों का काम करने का स्टाइल बिल्कुल अलग है। किसी की भी तुलना करना सही नहीं है, क्योंकि हर अभिनेता की अपनी एक खूबी, शैली और मौलिकता होती है। जब कलाकार अपने-अपने अंदाज के महारथी होते हैं, तो उनकी तुलना करना बेमानी है।”
कमलेश सावंत के इन बयानों से यह साफ पता चलता है कि फिल्मों के पर्दे पर दिखने वाली सफलता के पीछे निर्देशकों की सूझबूझ और कलाकारों का आपसी सम्मान कितना बड़ा रोल निभाता है।







